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Hansvaani

U/A 13+ • Society & Culture

Powered By EPIC ON. Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.

  • कविता - क्लिक (Kavita - Click)
    3 min 55 sec

    आज कल की ज़िन्दगी में हम मनुष्य को मापा जाता है MB/GB/TB में। बाजार चाहता है अधिक से अधिक डेटा और क्लिक्स। क्या हम इंसान वाकई क्लिक में तब्दील हो रहे है In todays life we ​​humans are measured in MB/GB/TB. The market wants more and more data and clicks. Are we humans really turning into clicksकहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका ।जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं।अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स।सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या IVM Podcasts App और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक: अरुण चंद्रआवाज: के.सी. शंकरWriter: Arun ChandraVoice: K.C. ShankarVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • लघुकथा - वाह री तू (Laghukatha - Waah Ri Tu)
    5 min

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : देवा प्रसाद मेयलाआवाज : शाश्विता शर्माWriter : Deva Prasad MeylaVoice : Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कविता - एक पीढ़ी का (Kavita - Ek Peedhi ka)
    5 min 41 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : सत्येंद्र कुमार आवाज : शाश्विता शर्मा Writer : Satyendra Kumar Voice : Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • Ghazal - Nayee Zameen
    3 min 25 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Maa Ka Kamra
    52 min 10 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kavita - Ghulami
    5 min 8 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Sankraman
    43 min 15 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Lekh - Ujaale Me Thoda Aag Bhi
    10 min 30 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Putle
    3 min 3 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • कहानी - बुखार (Kahaani - Bukhar)
    46 min 14 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : प्रियदर्शनआवाज : के. सी. शंकरWriter : PriyadarshanVoice : K.C.ShankarVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrika

  • ग़ज़ल - डर रहा है (Ghazal - Dar raha hai)
    4 min 6 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc. This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage. Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : सरिता पंथीआवाज :शाश्विता शर्मा Writer : Sarita PanthiVoice : Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • Kavita - Varnamala
    3 min 26 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Ghazal - Bohot dhundla hua jata hain manjar
    3 min 43 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Kothe Pe Quarantine
    24 min 57 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Nyaay
    3 min 49 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Ep. 00: Introduction - Hansvaani
    1 min 29 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:http://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at http://www.shows.ivmpodcasts.com/

  • Kahaani - Adharm Yudh
    22 min 16 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kavita - Hatiyar
    3 min 16 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Uske Hisse Ki Roti
    2 min 32 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kavita - Prem Ki Zameen Par
    3 min 49 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Pratyavartan
    18 min 19 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Lekh - Rukaiyya Aaur Naarivaad
    14 min 3 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kavita - Pahad Se Maidaan
    3 min 47 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kavita - Pita Ka Chashma
    3 min 50 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kavita - Torch
    3 min 43 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Soot Boot Wala Jeb Katra
    4 min 21 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Cafe Coffee Day
    28 min 10 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Company Ki Biwi
    53 min 18 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kavita - Shamshanghat
    6 min 50 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • लघुकथा - कन्या धन (Laghukatha - Kanya dhan)
    4 min 30 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका । जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स।सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या IVM Podcasts App और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर।आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक: श्याम बाबूआवाज: शाश्विता शर्मा Writer: Shyam babuVoice: Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कहानी - नवल काका (Kahaani - Naval Kaka)
    22 min 51 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कहानी - और ब्लॉसम्स सुख गए (Kahaani - Aur Blossoms Sookh Gaye)
    35 min 32 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : ज़कीया जुबेरीआवाज : शाश्विता शर्मा Writer : Zakia JuberiVoice : Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • ग़ज़ल - वो अनायास स्वर बदलता है (Ghazal - Vo Anayas Svar Badalta Hai)
    4 min 31 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका । जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स।सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या IVM Podcasts App और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc. This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कविता - यह ऐसा निज़ाम हैं (Kavita - Yeh Aisa Nizam Hain)
    4 min 49 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका ।जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं।अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स।सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या IVM Podcasts App और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर।आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक: राजेंद्र राजनआवाज: के. सी. शंकरWriter: Rajendra RajanVoice: K. C. ShankarVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • Kavita - Nau Pinein
    3 min 22 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Hukm Hai
    3 min 41 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Khichadi
    35 min 42 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Ghazal - Door Ho
    2 min 58 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Mohbhang
    4 min 2 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Kahaani - Saheb Ka Peshabghar
    19 min 9 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Adhoore Sach
    2 min 47 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • Laghukatha - Kahil
    4 min 26 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneeQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.Visit Hans Magazine on their official website:हंस हिंदी पत्रिका – हंस हिंदी पत्रिका ख़रीदेFollow Hans magazine on all social media:hansmagazineHans Katha Masikhttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: IVM Podcasts Apps on Google Play or iOS: ‎IVM Podcasts, or any other podcast app.You can check out our website at IVM Podcasts

  • कहानी - विष्णु ही शिव हैं (Kahaani - Vishnu Hee Shiv Hain)
    32 min 38 sec

    वैधव्य को शापित कफस में छटपटाती स्त्री कामना की यह कहानी रेखांकित करती है कि अपने आदिम प्रवृत्तियों में देह की भूख भी पेट की भूख सी है, जहाँ सुलभ उपलब्ध हो शांत किया जा सकता है जीवन की कुछ ऐसी सच्चाइयाँ हैं जो अंधेरे में परवान चढ़ना चाहती हैं , जिन्हें रोशनी से गुरेज़ है This story of a woman writhing in the cursed kaphas to Vaidavya underscores that in her primitive instincts, the hunger of the body is like the hunger of the stomach, which can be quenched wherever it is available. There are some such truths of life that prevail in the dark but want to climb, but shy away from light.कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका । जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स।सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या IVM Podcasts App और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : प्रियंका ओमआवाज : शाश्विता शर्मा Writer : Priyanka OmVoice : Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कहानी - कजरौता (Kahaani - Kajrauta)
    32 min 40 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़े। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल हैं हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता हैं उस धागे का नाम हैं हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्हों ने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैयार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेन्द्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही हैं ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनें हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा हैं इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials, etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specializes in solo narrations and dramatizations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : सिरिल मैथ्यूआवाज : के.सी. शंकरWriter : Cyril MathewVoice : K.C. ShankarVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • ग़ज़ल - घर बदल (Ghazal - Ghar Badal)
    4 min 38 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : माणिक विश्वकर्माआवाज : शाश्विता शर्मा Writer : Manik VishwakarmaVoice : Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कहानी - नए घर में अम्मा (Kahaani - Naye Ghar Me Amma)
    37 min 42 sec

    कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका, जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडीओ की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुम्बई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स। सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या ivm podcasts app और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक : योगिता यादवआवाज : शाश्विता शर्मा Writer : Yogita YadavVoice : Shashwita SharmaVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कहानी - पिंटी का सबुन (Kahaani - Pinti Ka Sabun)
    25 min 30 sec

    हमारे गांव मे ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. साबुन का नाम हमने और दूसरे लोगों ने सुना जरूर था, लेकिन दोचार ही लोग ऐसे मिलेंगे जिन्होंने उसे सचमुच देखा हो।एक साबुन का मात्र आगमन से मेरा पूरा जीवन उल्टा हो गया नीचे। भले ही साबुन मेरे शरीर को सुगंधित करता हो, फिर भी मेरे दिल में अंधेरा रहता है।This had never happened before in our village. We and other people had heard the name of the soap, but only a couple of people who had actually seen a soap.The mere arrival of a soap turned my whole life upside down. Even though soap perfumes my body, my heart remains dark.कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास।हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका । जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की।‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स।सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या IVM Podcasts App और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक: संजय खतीआवाज: के.सी. शंकर Writer: Sanjay KhatiVoice: K.C. ShankarVisit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

  • कहानी - आँखें (Kahaani - Aankhein)
    12 min 14 sec

    आँखें सब कुछ देखती हैं और कभीकभी सब कुछ देखकर भी नहीं देखती हैं।Eyes see everything, and sometimes, inspite of seeing everything, they see nothing.कहते हैं अगर आप आज के समय की नब्ज़ पकड़ना चाहते हैं, तो आज का साहित्य पढ़ें। लेकिन ये साहित्य चुने कैसे आपकी इस परेशानी का हल है हमारे पास। हिंदुस्तान के बेहतरीन साहित्यकारों की चुनिंदा कहानियों, कविताओं और लघुकथाओं को हर महीने एक धागे में पिरोया जाता है उस धागे का नाम है हंस पत्रिका । जिसका सपना बुना था क़लम के सिपाही मुंशी प्रेमचंद ने। उन्होंने कहानियों की ताक़त को पहचाना और साहित्य को माध्यम बनाकर पूरे देश की जन चेतना तैय्यार की। ‘हंस’ की विरासत को 1986 में मशहूर लेखक राजेंद्र यादव ने आगे बढ़ाया। और आज भी देश भर का आधुनिक और प्रगतिशील साहित्य का गुलदस्ता, हंस पत्रिका आप तक पहुंचा रही हैं। अब हंस ऑडियो की दुनिया में उड़ान भर रही है ‘हंस वाणी’ के रूप में, जिसे अपनी आवाज़ से सजा रहें हैं मुंबई के रंगमंच समूह जश्नएक़लम के कलाकार और मंच दे रहें हैं IVM पोडकास्ट्स।सुनिए हंस वाणी को hanshindimagazine.in, पर या IVM Podcasts App और वेबसाइट पर, या फिर अन्य पॉडकास्ट apps पर। आशा है इस नए सफ़र में हमें आपका प्यार और साथ मिलेगा।Hans, Indias most widely read Hindi literary magazine, is now available in the audio version, and features a list of curated stories, poems, editorials etc.This is in collaboration with JashneQalam, a theatre company, who specialize in solo narrations and dramatisations of stories. And IVM Podcasts, who are providing the stage.Hansvaani is simply the best of Hindi literature.लेखक: राजेश वर्मा राजनआवाज: राजेश कुमारWriter: Rajesh Verma RajanVoice: Rajesh Kumar Visit Hans Magazine on their official website:https://www.hanshindimagazine.in/Follow Hans magazine on all social media:https://twitter.com/hansmagazinelangenhttps://www.facebook.com/Hanspatrikahttps://www.instagram.com/hansmagazine/hlenYou can listen to this show and other awesome shows on the IVM Podcasts app on Android: https://ivm.today/android or iOS: https://ivm.today/ios, or any other podcast app.You can check out our website at https://shows.ivmpodcasts.com/

Language

Hindi

Genre

Society & Culture

Seasons

1

Author

IVM Podcasts