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Gumashuda Kee Talaash

Gumashuda Kee Talaash

  • Author: Ashish Kumar Trivedi

रंजन चर्च में प्रार्थना कर बाहर निकल रहा था। आज उसका जन्मदिन था। उसे पंद्रह साल पहले का अपना जन्मदिन याद आ रहा था। वह अंतिम जन्मदिन था जब उसके पिता उसके साथ थे। चर्च के आहते में रंजन को फादर फ्रांसिस मिल गए।हैप्पी बर्थडे रंजन।थैंक्यू फादर..तुम्हारा काम कैसा चल रहा है ?बहुत अच्छा फादर। मेरे बॉस सरवर खान पर लोगों का भरोसा बढ़ता जा रहा है। एक के बाद एक केस की लाइन लगी रहती है।अब शर्ली को तुम्हारे

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